किशनगढ़-रेनवाल। नारी सशक्तिकरण, बाल संस्कार और महिला एवं बाल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को किशनगढ़-रेनवाल के माहेश्वरी भवन में सीमांत एवं बाल संस्कार कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। पूर्वोत्तर राजस्थान प्रादेशिक माहेश्वरी महिला संगठन के अंतर्गत अखिल भारतीय माहेश्वरी महिला संगठन तथा ग्राम्य एवं बाल विकास से जुड़ी समितियों के तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम दोपहर 2 बजे से शुरू होगा।

कार्यक्रम की संयोजिका एवं महिला पर्यवेक्षक रेणु जाखोटिया ने बताया कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ समाज में संस्कार, सेवा, सहयोग और सामाजिक जागरूकता की भावना को प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने और बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

महिलाओं और बच्चों के लिए होंगी विशेष गतिविधियां

कार्यक्रम के दौरान नारी सशक्तिकरण, बाल संस्कार, बच्चों के लिए मनोरंजक एवं शैक्षणिक गतिविधियां और खेल दिवस सहित विभिन्न आयोजन होंगे। इसके अलावा मंत्र उपहार, गर्भस्थ नारी पूजन, महिलाओं की गोद भराई तथा छह वर्ष तक के बच्चों के विकास से संबंधित गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।

माहेश्वरी समाज की महिलाओं को ट्रस्ट से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी। साथ ही कार्यकर्ताओं की क्षमता बढ़ाने और उन्हें विभिन्न गतिविधियों के प्रति प्रशिक्षित करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।

गणमान्य अतिथियों की रहेगी उपस्थिति

कार्यक्रम में किशनगढ़-रेनवाल के उपखंड अधिकारी सर्वेश्वर शर्मा, जयपुर महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक पार्थवी शर्मा तथा किशनगढ़-रेनवाल की परियोजना अधिकारी मृदु वेद की उपस्थिति प्रस्तावित है। आयोजन के दौरान सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी किया जाएगा।

सामाजिक सहभागिता को मजबूत करने की पहल

कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए माहेश्वरी समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य सहयोग कर रहे हैं। आयोजकों ने नागरिकों से कार्यक्रम में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन महिलाओं के सशक्तिकरण, बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित करने और समाज में आपसी सहयोग एवं सहभागिता को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस आयोजन के माध्यम से महिला एवं बाल विकास से जुड़े प्रयासों को नई दिशा देने और समाज में सकारात्मक जागरूकता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।