किशनगढ़-रेनवाल। पंचायत चुनाव 2026 को लेकर चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए मतदान बैलेट पेपर के माध्यम से कराया जाएगा। मतदाताओं की सुविधा के लिए दोनों पदों के मतपत्रों के रंग अलग-अलग निर्धारित किए गए हैं। सरपंच पद के लिए सफेद रंग का मतपत्र इस्तेमाल होगा, जबकि वार्ड पंच पद के लिए गुलाबी रंग का बैलेट पेपर रहेगा। इसके साथ ही मतदाताओं को नोटा (NOTA) का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाएगा।
किशनगढ़-रेनवाल पंचायत समिति की 26 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए 24 अक्टूबर को मतदान होगा। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, 23 अक्टूबर को नामांकन पत्र प्राप्त करने, उनकी जांच करने, नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी करने और प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित करने का कार्य किया जाएगा। इसके बाद प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी होगी।
हिंदी वर्णमाला के क्रम में तैयार होगी प्रत्याशियों की सूची
पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित करने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी। नाम वापसी के बाद चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की अंतिम सूची हिंदी वर्णमाला के क्रम में तैयार होगी। इसी क्रम के आधार पर आयोग की ओर से निर्धारित 40 मुक्त चुनाव चिह्नों में से प्रतीक आवंटित किए जाएंगे।
इस व्यवस्था के तहत मतदाता मतदान के समय मतपत्र पर अंकित चुनाव चिह्न के साथ प्रत्याशी का नाम देखकर अपना वोट डाल सकेंगे। इसलिए प्रत्याशियों और मतदाताओं दोनों के लिए अंतिम सूची तथा चुनाव चिह्न की जानकारी महत्वपूर्ण रहेगी।
मतपत्र पर पहले से नहीं छपे होंगे प्रत्याशियों के नाम
इस चुनाव की एक महत्वपूर्ण बात यह है कि मतपत्रों पर प्रत्याशियों के नाम पहले से मुद्रित नहीं होंगे। प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी होने के बाद मतदान दल के कार्मिक संबंधित चुनाव चिह्न के सामने प्रत्याशियों के नाम काले बॉल पेन से हाथ से लिखेंगे।
ऐसे में मतदाताओं को मतदान करते समय प्रत्याशी का नाम और उसके सामने दिए गए चुनाव चिह्न को ध्यानपूर्वक देखना होगा। सही प्रत्याशी का चयन करने के लिए मतपत्र पर उपलब्ध विवरण को समझना जरूरी रहेगा।
सरपंच और वार्ड पंच के लिए अलग-अलग रंग के बैलेट पेपर
मतदान प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए दोनों पदों के मतपत्रों के रंग अलग रखे गए हैं।
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सरपंच पद: सफेद रंग का मतपत्र।
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वार्ड पंच पद: गुलाबी रंग का मतपत्र।
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नोटा विकल्प: अंतिम प्रत्याशी के बाद उपलब्ध रहेगा।
मतदाताओं को मतदान केंद्र पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपने मताधिकार का प्रयोग करना होगा।
10 से अधिक प्रत्याशी होने पर अतिरिक्त मतपत्र स्लिप का उपयोग
यदि किसी पद पर प्रत्याशियों की संख्या 10 से अधिक होती है, तो अतिरिक्त मतपत्र स्लिप का उपयोग किया जाएगा। प्रत्याशियों की संख्या के अनुसार चुनाव चिह्न अलग-अलग स्लिप पर अंकित होंगे।
निर्धारित व्यवस्था के अनुसार पहली स्लिप पर 1 से 10 तक, दूसरी स्लिप पर 11 से 20 तक, तीसरी स्लिप पर 21 से 30 तक और चौथी स्लिप पर 31 से 40 तक के चुनाव चिह्न अंकित होंगे। अंतिम प्रत्याशी के बाद नोटा का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य अधिक प्रत्याशी होने की स्थिति में सभी चुनाव चिह्नों को क्रमबद्ध तरीके से उपलब्ध कराना है, ताकि मतदान प्रक्रिया व्यवस्थित रूप से पूरी हो सके।
मतदान समाप्त होते ही शुरू होगी मतगणना
पंचायत चुनाव में मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतगणना शुरू कर दी जाएगी। सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए मतों की गिनती मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद शुरू होगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, उसी दिन परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे।
इस प्रकार 23 अक्टूबर को नामांकन, जांच, नाम वापसी और चुनाव चिह्न आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 24 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा। किशनगढ़-रेनवाल पंचायत समिति की 26 ग्राम पंचायतों में होने वाले इन चुनावों को लेकर प्रत्याशियों और मतदाताओं की नजरें अब चुनावी प्रक्रिया तथा परिणामों पर रहेंगी।
मतदाताओं के लिए जरूरी जानकारी: मतदान के दौरान बैलेट पेपर का रंग, प्रत्याशी का नाम और चुनाव चिह्न ध्यानपूर्वक देखकर ही मतदान करें। इससे सही प्रत्याशी के पक्ष में मत डालने में आसानी होगी।
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