जयपुर ग्रामीण ( रिपोर्ट: मोना कुमावत )
जयपुर ग्रामीण के अणतपुरा–मढ़ा भीम सिंह सड़क मार्ग पर स्थित करीब 250 वर्ष पुराना ऐतिहासिक बरगद आज संरक्षण की बाट जोह रहा है। कभी अपनी विशाल छाया, प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध यह बरगद अब जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इसका संरक्षण नहीं किया गया तो क्षेत्र अपनी एक अनमोल प्राकृतिक धरोहर खो सकता है।

सैकड़ों जीव-जंतुओं का बना हुआ है आशियाना

यह विशाल बरगद वर्षों से सैकड़ों पक्षियों, बंदरों, गिलहरियों और अन्य जीव-जंतुओं का सुरक्षित आशियाना बना हुआ है। इसकी फैली हुई शाखाओं पर मधुमक्खियों के कई बड़े छत्ते भी मौजूद हैं, जो क्षेत्र की जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पेड़ की बिगड़ती स्थिति के चलते इन जीवों का प्राकृतिक आवास भी खतरे में पड़ गया है।

राजस्थानी फिल्म की हो चुकी है शूटिंग

बरगद के समीप स्थित प्राचीन बावड़ी इस स्थान की ऐतिहासिक पहचान को और मजबूत बनाती है। ग्रामीणों के अनुसार इसी प्राकृतिक परिसर में राजस्थानी फिल्म की शूटिंग भी हो चुकी है, जिससे यह स्थान सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से भी विशेष महत्व रखता है।

'हेरिटेज ट्री' घोषित करने की मांग

ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों ने वन विभाग और प्रशासन से मांग की है कि विशेषज्ञों से पेड़ का निरीक्षण कराकर वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण कराया जाए। साथ ही इस ऐतिहासिक बरगद को 'हेरिटेज ट्री' घोषित कर इसकी नियमित देखरेख, सुरक्षा और आसपास के क्षेत्र को भी संरक्षित किया जाए।

ग्रामीण बोले— यह केवल पेड़ नहीं, हमारी धरोहर है

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह बरगद केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि 250 वर्षों का जीवंत इतिहास, हजारों जीव-जंतुओं का घर, प्रकृति का प्रहरी और क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान है। इसे बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

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