जयपुर। राजस्थान के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संकेत दिए हैं कि केंद्र सरकार के 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप राजस्थान में भी नई वेतन व्यवस्था लागू करने की दिशा में तैयारी शुरू कर दी गई है।
रविवार को जयपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घोषणा की कि राज्य कर्मचारियों के वेतनमान, वेतन विसंगतियों और नए पे-मैट्रिक्स का अध्ययन करने के लिए जल्द ही एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा।
केंद्र की सिफारिशों का करेगी अध्ययन
मुख्यमंत्री ने कहा कि गठित समिति केंद्र सरकार के 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों का विस्तृत अध्ययन करेगी। इसके बाद राजस्थान की वित्तीय स्थिति और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नया पे-मैट्रिक्स और फिटमेंट फैक्टर तैयार कर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी।
कर्मचारियों के सम्मान समारोह में किया ऐलान
यह घोषणा राजस्थान सचिवालय सेवा अधिकारी एवं सचिवालय कर्मचारी संघ द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह के दौरान की गई। इस अवसर पर कर्मचारी संगठनों ने पदोन्नति के लिए अनुभव अवधि में दो वर्ष की विशेष छूट तथा विभिन्न विभागों में नए पदों के सृजन जैसे निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
न्यूनतम बेसिक वेतन ₹41,000 से अधिक होने की संभावना
आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.28 से 2.86 के बीच तय होने की संभावना जताई जा रही है। यदि केंद्र सरकार इन सिफारिशों को मंजूरी देती है और राज्य सरकार भी इन्हें लागू करती है, तो कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन ₹41,000 से अधिक हो सकता है।
इसके अलावा महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और अन्य भत्तों में भी बढ़ोतरी की संभावना है, जिससे कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी में उल्लेखनीय इजाफा हो सकता है।
फिलहाल क्या स्थिति है?
हालांकि अभी 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशें जारी नहीं हुई हैं और न ही फिटमेंट फैक्टर पर अंतिम फैसला हुआ है। ऐसे में वेतन वृद्धि और नए पे-मैट्रिक्स को लेकर सभी आंकड़े फिलहाल संभावित हैं। अंतिम निर्णय केंद्र सरकार की सिफारिशों और राज्य सरकार की मंजूरी के बाद ही लागू होगा।
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