रिपोर्टर: मोना कुमावत
अणतपुरा। ग्राम पंचायत अणतपुरा की होनहार बेटी डॉ. ऊषा कुमावत ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की संस्कृत असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में पूरे राजस्थान में प्रथम रैंक हासिल कर गांव और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। दूसरे प्रयास में मिली इस शानदार सफलता के बाद अणतपुरा सहित आसपास के क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
पहले प्रयास में नहीं मिली सफलता, फिर भी नहीं मानी हार
डॉ. ऊषा कुमावत को अपने पहले प्रयास में सफलता नहीं मिली थी, लेकिन उन्होंने इसे अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। उन्होंने अपनी कमियों को पहचाना और उन्हें अपनी ताकत में बदलते हुए दोबारा तैयारी शुरू की।
दृढ़ संकल्प, अनुशासन और लगातार मेहनत के साथ उन्होंने दूसरे प्रयास में परीक्षा दी। इस बार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने पूरे राजस्थान में प्रथम स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
पिता का संघर्ष बना सबसे बड़ी प्रेरणा
डॉ. ऊषा कुमावत की सफलता के पीछे उनके पिता रामचंद्र कुमावत का संघर्ष और बेटी पर उनका अटूट विश्वास भी महत्वपूर्ण रहा। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बेटी की शिक्षा में किसी तरह की कमी नहीं आने दी और हमेशा उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
पिता के त्याग और संघर्ष को डॉ. ऊषा ने अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया। उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर ऐसा मुकाम हासिल किया, जो न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे अणतपुरा गांव और क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
गांव और समाज में खुशी का माहौल
डॉ. ऊषा कुमावत की इस उपलब्धि के बाद अणतपुरा में खुशी की लहर है। ग्रामीणों और समाज के लोगों ने उनकी सफलता पर बधाई देते हुए इसे क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया।
दूसरे प्रयास में RPSC संस्कृत असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में राजस्थान की प्रथम रैंक हासिल कर डॉ. ऊषा कुमावत ने यह साबित कर दिया कि असफलता के बाद भी लगातार मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ सफलता हासिल की जा सकती है।
बहुत बहुत बहुत हो थनयवाद