किशनगढ़-रेनवाल। बधाल गांव में प्रस्तावित ग्लोबल कोस्ट शिपिंग एंड लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड के कंटेनर डिपो को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि परियोजना के चलते काबरों का बास एवं हरू का बास अंडरपास बंद होने से बधाल क्षेत्र की कनेक्टिविटी प्रभावित होगी और आमजन को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे क्षेत्र में रोजगार और विकास का स्वागत करते हैं, लेकिन इसके लिए स्थानीय लोगों की सुविधाओं और बुनियादी ढांचे से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

इस संबंध में ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखीं—

  • काबरों का बास एवं हरू का बास अंडरपास को चालू रखते हुए उसकी चौड़ाई बढ़ाई जाए।
  • ईटावा तिराहे से बधाल रेलवे स्टेशन तक एमडीआर (MDR) सड़क का निर्माण कराया जाए।
  • कंटेनर डिपो से जुड़ी समस्याओं पर जनसुनवाई आयोजित की जाए।
  • स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं कार्य में प्राथमिकता दी जाए।
  • क्षेत्र की जनता की सहमति और सुविधाओं को ध्यान में रखकर परियोजना पर आगे निर्णय लिया जाए।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान युवा नेता सुरेंद्र महला सहित कई जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।