जोबनेर। स्कूल बस हादसे के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर जोबनेर क्षेत्र में माहौल गरमा गया है। निजी स्कूलों की बाल वाहिनियों में सुरक्षा मानकों और क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने के आरोपों के बीच आज जोबनेर, सांभर-फुलेरा और रेनवाल ब्लॉक क्षेत्र के कई निजी स्कूल बंद रहे।
जानकारी के अनुसार, निजी स्कूल शिक्षक संगठन के आह्वान पर स्कूल बंद रखे गए। वहीं, कालख गांव में ग्रामीणों द्वारा स्कूल बसें रोककर विरोध करने का मामला भी तूल पकड़ता जा रहा है।
बाल वाहिनियों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने का आरोप
ग्रामीणों ने निजी स्कूलों की बाल वाहिनियों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने और सुरक्षा नियमों की अनदेखी के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
हादसे के बाद ग्रामीणों ने कुछ निजी स्कूल बसों को रोककर उनकी जांच भी की। इसके बाद स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
स्कूल बस हादसे के बाद बढ़ा आक्रोश
दरअसल, 8 अगस्त को जोबनेर क्षेत्र में स्कूल बस और स्कॉर्पियो के बीच भीषण टक्कर हुई थी। हादसे में कई स्कूली बच्चे घायल हुए थे। गंभीर रूप से घायल एक 15 वर्षीय छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे के बाद क्षेत्र में बच्चों की सुरक्षा को लेकर आक्रोश बढ़ गया।
हादसे के बाद निजी स्कूलों की बाल वाहिनियों की जांच के लिए विशेष कमेटी गठित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। प्रशासन की ओर से स्कूल वाहनों में सुरक्षा मानकों की जांच पर जोर दिया जा रहा है।
निजी स्कूल संचालकों ने की कार्रवाई की मांग
वहीं, निजी स्कूल संचालकों ने स्कूल बसों को रोकने और उनके संचालन में बाधा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। स्कूल संचालकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए नियमों का पालन जरूरी है, लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
फिलहाल पूरे मामले में स्कूल संचालकों, ग्रामीणों और प्रशासन के बीच बढ़ते विवाद के बीच बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा बनकर सामने आया है।
नोट: हादसे में घायल बच्चों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अलग आंकड़े सामने आए हैं; इसलिए आधिकारिक प्रशासनिक आंकड़े की पुष्टि होने तक संख्या को लेकर सावधानी बरतना उचित है।
गुड डिसीजन
अच्छा निर्णय हैं लापरवाही स्वीकार नही है अखिर् पैसे किस लिए लेते है स्कूल वाले
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