किशनगढ़-रेनवाल। पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में किशनगढ़-रेनवाल के युवा उद्यमी प्रिन्स तिवाड़ी ने एक प्रेरणादायक पहल करते हुए सम्मान की परंपरा को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का अनूठा प्रयास किया है। श्री गोपाल गौशाला, किशनगढ़-रेनवाल में आयोजित विशाल वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मंचासीन अतिथियों का स्वागत पारंपरिक फूल-मालाओं के बजाय सीड पेपर रिस्ट बैंड (बीजयुक्त कलाई बैंड) पहनाकर किया।

यह विशेष रिस्ट बैंड बीज युक्त कागज से तैयार किया गया है, जिसे उपयोग के बाद मिट्टी में बोने पर उससे पौधा विकसित होता है। इस पहल का उद्देश्य केवल अतिथियों का सम्मान करना नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए उसे हरित अभियान का सहभागी बनाना भी है।

कार्यक्रम में उपस्थित अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADM) राजीव द्विवेदी, उपखंड अधिकारी (SDM) सर्वेश शर्मा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष शिवजीराम कुमावत तथा दैनिक भास्कर के जिला प्रतिनिधि शैलेन्द्र कुमार ने इस नवाचार की सराहना करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक एवं समयानुकूल पहल बताया। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे पर्यावरण-अनुकूल नवाचारों को विद्यालयों, सामाजिक संस्थाओं, धार्मिक आयोजनों और सरकारी कार्यक्रमों में अपनाया जाए, तो जनभागीदारी के माध्यम से हरित भारत के निर्माण को नई गति मिल सकती है।

प्रिन्स तिवाड़ी ने बताया कि उनका उद्देश्य "सम्मान के साथ एक पौधा" अभियान को जन-जन तक पहुँचाना है, ताकि प्रत्येक कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन न होकर पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी संदेश भी बने। उन्होंने जानकारी दी कि सीड पेपर रिस्ट बैंड किसी भी विद्यालय, संस्था, संगठन, कंपनी अथवा सामाजिक कार्यक्रम के नाम और लोगो के साथ विशेष रूप से तैयार किए जा सकते हैं।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए भविष्य के आयोजनों में इसे अपनाने की इच्छा व्यक्त की। प्रिन्स तिवाड़ी का मानना है कि यदि सम्मान समारोहों में फूल-मालाओं के स्थान पर सीड पेपर रिस्ट बैंड का उपयोग किया जाए, तो आने वाले वर्षों में लाखों नए पौधे तैयार किए जा सकते हैं। यह छोटी-सी पहल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित और स्वस्थ भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।